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गुरुग्राम के गढ़ी-हरसरू में सरपंच सुंदर लाल यादव ने किया ASC कैंटीन का उद्घाटन

सत्य ख़बर,गुरुग्राम, सतीश भारद्वाज :

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सरपंच एसोसिएशन गुरुग्राम के अध्यक्ष सरपंच सुंदर लाल यादव ने गुरुवार को गढ़ी-हरसरू गांव में एक्स पैरा मिलिट्री एएससी कैंटीन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में समाजसेवी सतपाल शर्मा, नरेश शर्मा समेत ग्रामीणों ने सरपंच सुंदर लाल यादव का स्वागत व सम्मान किया। इस दौरान सत्तू प्रधान, संजय यादव, दीपक यादव, मुकेश यादव, सजन सिंह, धर्मबीर सिंह, नरेंद्र यादव समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। शहर के गढ़ी-हरसरू साढराणा रोड पर स्वामी चौक के पास बनाई गई इस कैंटीन के यहां खुलने से सैनिकों और पूर्व सैनिकों को अधिक लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि इस कैंटीन में आम जनता भी खरीदारी कर सकेगी । कैंटीन के उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में सरपंच ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अब तक के कार्यकाल में सैनिकों, पूर्व सैनिकों के लिए अनेक कल्याणकारी कार्य किए गए हैं। सेना को मजबूती बनाने के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सैनिकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। सेना में युवाओं को आकर्षित करने के लिए सरकार की ओर से अगिनवीर योजना भी चलाई गई है, जिसमें युवा कुछ वर्ष नौकरी करके वापस घर आ सकते हैं। उन्हें रिटायरमेंट पर काफी आर्थिक सहयोग भी मिलेगा, जिससे वे यहां पर अपना कोई भी रोजगार आसानी से शुरू कर सकते हैं। प्रदेश में सैनिकों, पूर्व सैनिकों के लिए कैंटीन जैसी सुविधाओं में इजाफा किया गया है। सैनिकों की खान कहे जाने वाले अहीरवाल में सरकार की ओर से खास मेहरबानी की गई है। सरपंच सुंदर लाल यादव ने अन्य सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार शहीदों के परिवार के बच्चों को पढ़ाई और इलाज के खर्च में छूट देती है। एक्शन में शहीद या मिसिंग सैनिकों के बच्चों को पूरी ट्यूशन फीस मिलती है। साथ में स्कूल बस का खर्च और रेलवे पास भी मिलता है। इसके अलावा बोर्डिंग स्कूल और कॉलेज में पढऩे वाले बच्चों की हॉस्टल फीस, हर साल 2000 रुपये कॉपी-किताब का खर्च, 2000 रुपये तक यूनिफॉर्म खर्च, कपड़े का 700 रुपये, ईसीएचएस में फ्री इलाज भी मिलता है।
उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों के परिवारों को आर्मी ग्रुप इंश्योरेंस के तौर पर 25 लाख रुपये मिलते हैं। आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन, सैनिक कल्याण बोर्ड सहित कई संगठन वित्तीय मदद करते हैं। शहीदों की विधवाओं को हर महीने पेंशन भी मिलती है। इसके अलावा केंद्र सरकार 10 लाख रुपये और शहीद जिस राज्य का निवासी होता है वह राज्य भी आर्थिक मदद करता है। राज्यों की ओर से मदद के तौर पर दी जाने वाली सहायता अलग-अलग है। क्षेत्र वासियों को यहां केंटिन खुलने से प्रशांत व्यक्त की है

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